स्क्रैप चोरी कांड का असर: भिलाई CISF के DIG बदले, बोकारो के पूर्व SP चंदन कुमार झा संभालेंगे कमान

Scrap theft scandal News: दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी मामले के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। भिलाई इकाई के डीआईजी एवं 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी नागेंद्र नाथ त्रिपाठी का तबादला दिल्ली मुख्यालय कर दिया गया है। उनकी जगह झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी और बोकारो के पूर्व पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार झा को भिलाई CISF का नया डीआईजी नियुक्त किया गया है। इस बदलाव को स्क्रैप चोरी मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

स्क्रैप चोरी मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

भिलाई इस्पात संयंत्र में करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी मामले ने पूरे संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। जांच एजेंसियों ने संयंत्र के कई अधिकारियों के साथ-साथ CISF के कुछ जवानों से भी पूछताछ की थी। माना जा रहा था कि इतनी बड़ी चोरी बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं थी। अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच लगातार जारी है।

बोकारो के पूर्व SP चंदन कुमार झा संभालेंगे जिम्मेदारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी के स्थान पर चंदन कुमार झा को भिलाई CISF का नया डीआईजी नियुक्त किया है। हाल ही में झारखंड कैडर से CISF में प्रतिनियुक्ति पर आए चंदन कुमार झा बोकारो के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। सुरक्षा प्रबंधन और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाई की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के भी हुए तबादले

प्रशासनिक फेरबदल के तहत भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत उप कमांडेंट निधि सिंह का भी तबादला कर उन्हें केओपीए, कोलकाता भेजा गया है। वहीं, इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र के डीआईजी एल.के. हाकिप को कोलकाता एयरपोर्ट स्थानांतरित किया गया है। उनकी जगह नागपुर एयरपोर्ट में सीनियर कमांडेंट रहे दिलीप कुमार को पदोन्नत कर डीआईजी बनाया गया है और उन्हें इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र की सुरक्षा की नई जिम्मेदारी दी गई है।

जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त

स्क्रैप चोरी कांड के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। नए अधिकारियों की नियुक्ति के बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था में और अधिक सख्ती तथा निगरानी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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