MP News: बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रुके, लेकिन बन गया मौत का कारण; छतरपुर में दो युवकों की मौत

MP News: छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में मानसून की पहली बारिश एक परिवार के लिए जिंदगीभर का गम बन गई। जिले की घुवारा तहसील के ग्राम सौरखी में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे चचेरे भाइयों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध से मछली पकड़कर घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए, लेकिन कुछ ही क्षण बाद उसी पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात इतना तेज था कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मछली का शिकार करने गए थे छह लोग

जानकारी के अनुसार ग्राम सौरखी के रहने वाले पांच से छह लोग धसान नदी पर स्थित बान सुजारा बांध में मछली का शिकार करने गए थे। दोपहर तक मौसम सामान्य था, लेकिन शाम के समय अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम बिगड़ता देख सभी लोग घर लौटने के लिए निकल पड़े।

रास्ते में एक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे सभी लोगों को अलग-अलग रास्तों से निकलना पड़ा। टोली के चार लोगों ने सुरक्षित रास्ता चुन लिया, जबकि कनई आदिवासी और चरन आदिवासी दूसरे रास्ते से गांव की ओर बढ़ गए।

बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रुके, वहीं बन गया मौत का कारण

घर लौटते समय बारिश और तेज हो गई। भीगने से बचने के लिए दोनों चचेरे भाई रास्ते में एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ अचानक आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ पर गिर गई।

बिजली गिरने का झटका इतना जबरदस्त था कि दोनों युवक उसकी चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ दूरी पर मौजूद उनके साथी जब मौके पर पहुंचे तो दोनों भाइयों को मृत अवस्था में पाया।

चार साथी बाल-बाल बचे

बताया जा रहा है कि मृतकों के साथ गए अन्य चार लोग भी बारिश से बचने के लिए रुके थे, लेकिन वे दूसरे स्थान पर खड़े थे। इसी कारण वे आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बच गए। यदि सभी एक ही स्थान पर खड़े होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। दोनों युवकों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि मानसून की पहली ही बारिश में इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। लोगों में आकाशीय बिजली को लेकर भय का माहौल है।

प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलते ही घुवारा तहसीलदार प्रीतम सिंह गौड़ और स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पंचनामा कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

बारिश और वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में तेज बारिश या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों, बिजली के खंभों और जलाशयों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

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