Chhattisgarh Patan News: पाटन। ग्राम पंचायतों के पेयजल और स्ट्रीट लाइट के बिजली बिलों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 की सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर पाटन ब्लॉक के सभी 108 सरपंच एकजुट हो गए हैं। विश्राम गिरी, पाटन में आयोजित सरपंच संघ की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि एक माह के भीतर बिजली बिल की समस्या और पीएम आवास सूची से जुड़ी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो ब्लॉक स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में सरपंचों ने विद्युत विभाग पर मनमानी करने और बकाया बिजली बिल के नाम पर पंचायतों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। सरपंचों के मुताबिक, वर्ष 2016 के शासकीय आदेश में ग्राम पंचायतों की स्ट्रीट लाइट और पेयजल व्यवस्था से जुड़े बिजली बिलों के संबंध में राहत का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद कई पंचायतों पर बकाया राशि का दबाव बनाया जा रहा है और कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।
सरपंचों का कहना है कि बिजली कनेक्शन काटे जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है और स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बिजली बिल से संबंधित समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। सरपंच संघ ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 को लेकर भी सरपंचों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि योजना के तहत हितग्राहियों का चयन ग्राम सभा द्वारा पारित वरीयता सूची के आधार पर किया जाना चाहिए। सरपंचों ने आरोप लगाया कि यदि विभागीय स्तर पर ग्राम सभा की सूची में नामों का फेरबदल या वरीयता क्रम में बदलाव किया गया, तो इसका विरोध किया जाएगा।
सरपंच संघ ने कहा कि ग्राम सभा से पारित सूची में किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने बिजली बिल और आवास योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की और जरूरत पड़ने पर सामूहिक आंदोलन की बात कही।
इस दौरान सरपंच संघ पाटन के अध्यक्ष रूपेंद्र शुक्ला और विनय चंद्राकर, तोरण लाल साहू, अमित अग्रवाल, रमाकांत साहू, जीधन ठाकुर, वरुण नेताम, रवि सिंगौर, अर्चना यादव, यूनिक वर्मा सहित पाटन ब्लॉक की सभी 108 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर मांगों के समाधान के लिए आंदोलन का संकल्प लिया।
