पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे मनेर इलाके में शुक्रवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में तीन अपराधियों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाए। मुठभेड़ की खबर फैलते ही मृतकों के परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए, जिसके बाद वहां तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और शवों को तुरंत दिखाने की मांग की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए तत्काल शव दिखाने से इनकार किया तो परिजन आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते उनकी पुलिसकर्मियों से बहस शुरू हो गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
इसी दौरान परिजनों ने अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति पर पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाया। उनका दावा था कि इसी व्यक्ति की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुठभेड़ को अंजाम दिया। इस आरोप के बाद गुस्साए लोगों ने उस व्यक्ति को घेर लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और काफी मशक्कत के बाद उस व्यक्ति को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मुठभेड़ को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
