Agar Malwa News: MP में नकली नोटों का बड़ा रैकेट बेनकाब, 500 रुपये के फर्जी नोट छाप रहे थे आरोपी

Agar Malwa News: आगर मालवा। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कृषि सेवा केंद्र की आड़ में 500 रुपये के नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने मौके से 57,500 रुपये मूल्य के 500-500 रुपये के नकली नोट, रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अब तक कितने नकली नोट बाजार में चला चुके हैं तथा इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा

नलखेड़ा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड स्थित पवार कृषि सेवा केंद्र में नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी नागेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दुकान पर छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान एक बैग से 500-500 रुपये के कुल 115 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 57,500 रुपये बताई गई। इसके अलावा रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर, स्कैनिंग से संबंधित सामग्री और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।

यूट्यूब से सीखा नकली नोट बनाने का तरीका

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट तैयार करने की तकनीक सीखी थी। इसके बाद उन्होंने असली 500 रुपये के नोट को स्कैन कर उसकी रंगीन कॉपी प्रिंटर से निकालना शुरू किया। प्रिंट होने के बाद नोटों को पेपर कटर से काटकर असली नोटों के आकार में तैयार किया जाता था, ताकि पहली नजर में वे असली जैसे दिखाई दें।

हालांकि जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कई नोटों के सीरियल नंबर एक जैसे थे, जिससे उनके नकली होने की पुष्टि हो गई। पुलिस का कहना है कि बरामद नोटों की गुणवत्ता इतनी थी कि सामान्य व्यक्ति पहली नजर में धोखा खा सकता था।

दो आरोपी गिरफ्तार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178(3)(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी इस अवैध कारोबार में कब से शामिल थे और अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में चला चुके हैं।

इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

बाजार में नकली नोट खपाने की थी तैयारी

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी तैयार किए गए नकली नोटों को बाजार में असली नोटों की तरह चलाने की योजना बना रहे थे। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी मात्रा में फर्जी करेंसी बाजार में पहुंचने से पहले ही जब्त कर ली गई।

थाना प्रभारी नागेश यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। यदि पूछताछ में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें संदिग्ध नोट या इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि नकली करेंसी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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