Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। पाटन जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमेरी और करगा के सरपंचों ने पहन नंबर 13 में पदस्थ पटवारी आर.के. मिश्रा के खिलाफ गंभीर शिकायत की है। सरपंचों ने कमिश्नर और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पटवारी पर किसानों और आम लोगों को परेशान करने, समय पर कार्यालय नहीं आने और राजस्व संबंधी कामों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने पटवारी का अन्यत्र स्थानांतरण नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। शिकायत के बाद एसडीएम पाटन ने पटवारी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
अमेरी के सरपंच भूषण सेन और करगा के सरपंच कमलेश ठाकुर ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पटवारी आर.के. मिश्रा निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होते। किसान, सरपंच, पंच और पंचायत सचिव जब भी उन्हें फोन करते हैं, तो वे फोन नहीं उठाते। इसके कारण ग्रामीणों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए भी बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
सरपंचों के अनुसार, किसानों के नक्शा-बटांकन का काम लंबे समय से लंबित है। आरोप है कि दो वर्षों में कई किसानों के नक्शे तक नहीं काटे गए। जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए भी छात्र-छात्राओं को पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे उनके जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं बन पाते और छात्रवृत्ति संबंधी प्रक्रिया प्रभावित होती है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक गरीब परिवार के राशन कार्ड पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया, जिसके कारण परिवार को दो-तीन महीने से राशन नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा अविवादित फौती नामांतरण और बंटवारे के प्रकरणों में भी पटवारी की ओर से समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने की शिकायत की गई है। सरपंचों का कहना है कि समय-सीमा समाप्त होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मामले में एसडीएम पाटन ने पटवारी को जारी नोटिस में कहा है कि उनके विरुद्ध ग्राम पंचायत अमेरी के सरपंच की ओर से विभिन्न गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायत में लगाए गए आरोप कार्यों के प्रति लापरवाही, आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करने और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता से संबंधित हैं, जो कदाचरण की श्रेणी में आते हैं।
एसडीएम ने पटवारी को निर्देश दिया है कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप पर बिंदुवार लिखित स्पष्टीकरण तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करें। साथ ही हल्का क्षेत्र में लंबित नक्शा-बटांकन, फौती नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों की अद्यतन स्थिति तथा उनके लंबित रहने के कारणों का विवरण भी मांगा गया है।
सरपंचों ने पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनका स्थानांतरण करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और पटवारी को अन्यत्र नहीं हटाया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
