Raipur News: स्मार्ट मीटर पर सियासत तेज: सरकार का दावा- जुलाई में बिजली खपत 31.91% घटी

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी कर विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताया है। सरकार का दावा है कि रायपुर सिटी रीजन के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत और बिल बढ़ने के आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।

सरकार के अनुसार, जुलाई 2026 में रायपुर सिटी रीजन की कुल बिजली खपत 89.38 मिलियन यूनिट (MU) रही, जबकि जून 2026 में यह 131.27 मिलियन यूनिट थी। यानी एक महीने में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि यदि स्मार्ट मीटर गलत रीडिंग दर्ज कर रहे होते, तो बिजली खपत बढ़नी चाहिए थी, जबकि आधिकारिक आंकड़े इसके विपरीत स्थिति दर्शा रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 401 से 600 यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 33.99 प्रतिशत और इस वर्ग की कुल बिजली खपत में 32.58 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं 600 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 64.23 प्रतिशत तथा उनकी बिजली खपत 38.13 प्रतिशत घटी है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के व्यवहार में परिवर्तन को दर्शाता है, न कि स्मार्ट मीटर में किसी तकनीकी गड़बड़ी को।

सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना का भी हवाला दिया। सरकार के मुताबिक, 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी खपत इसी सीमा के भीतर रखी। आंकड़ों के अनुसार, 400 यूनिट से कम खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 30.34 प्रतिशत बढ़कर 1,96,777 से 2,56,471 हो गई, जबकि 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 49.49 प्रतिशत घटकर 1,20,615 से 60,921 रह गई।

सरकार ने यह भी बताया कि 0-100 यूनिट और 101-200 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या क्रमशः 53.12 प्रतिशत और 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। सरकार का कहना है कि मानसून के आगमन और हाफ बिजली बिल योजना का लाभ लेने के कारण कई उपभोक्ता निचले खपत वर्ग में आ गए हैं।

सरकार ने कहा है कि स्मार्ट मीटर को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया जा रहा नैरेटिव तथ्यों पर आधारित नहीं है। सरकार के अनुसार, विभागीय आंकड़े बताते हैं कि भाजपा सरकार की योजनाओं से उपभोक्ताओं को राहत मिली है और बिजली बिल में कमी आई है।

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