Chhattisgarh Latest News: डीए-डीआर के फैसले पर कर्मचारी-पेंशनर एकजुट, दीपावली के बाद बड़े आंदोलन की तैयारी

Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़। वरिष्ठ कर्मचारी नेता एवं भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने राज्य शासन द्वारा 30 अक्टूबर को जारी महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के आदेश पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने बिना एरियर डीए-डीआर देने के फैसले को कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ छलावा बताते हुए कहा कि इसे दीपावली का सौगात बताना उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा है।

नामदेव ने कहा कि शासन ने बढ़े हुए डीए-डीआर को 1 नवंबर 2026 से लागू किया है, जबकि इसका भुगतान भी दिसंबर में होने की संभावना है। ऐसे में इसे दीपावली का उपहार बताकर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में प्रचारित करना कर्मचारियों एवं पेंशनरों के साथ अन्याय है। इस निर्णय से दोनों वर्गों में नाराजगी है और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया जा रहा है।

उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं और वर्तमान वित्त मंत्री द्वारा किए गए वादों पर भी सवाल उठाए। नामदेव के अनुसार, चुनाव के समय तत्कालीन भूपेश सरकार पर महंगाई भत्ते के मामले में कर्मचारियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए केंद्र के समान डीए देने का भरोसा दिलाया गया था। इस संबंध में कई वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के तीन साल बाद भी केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते में अंतर बना हुआ है। ऐसे में मोदी की गारंटी और चुनावी वादों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

पेंशनरों के मुद्दे पर नामदेव ने कहा कि जून 2026 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच धारा 49 के तहत आपसी सहमति की बाध्यता समाप्त करने संबंधी समझौते के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने जुलाई 2026 से 2 प्रतिशत डीआर देने का आदेश जारी किया और दीपावली से पहले भुगतान भी कर दिया। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने नवंबर 2026 से डीआर लागू करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के पेंशनर एरियर के लाभ से भी वंचित हो गए हैं।

नामदेव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे अधिकारियों और सलाहकारों के बजाय कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता दें। उन्होंने केंद्र के समान देय तिथि से एरियर सहित डीए-डीआर भुगतान के लिए मौजूदा आदेश में संशोधन कर नया आदेश जारी करने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार के इस फैसले ने अलग-अलग संगठनों में बंटे कर्मचारी और पेंशनर समाज को एकजुट होने का अवसर दिया है। दीपावली के बाद प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारी और पेंशनर अपने अधिकारों तथा बकाया राशि की प्राप्ति के लिए संयुक्त संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *