Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। बिलासपुर की सरकंडा पुलिस ने नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर लाखों रुपये और भारी मात्रा में सोने के जेवर हड़पने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस चर्चित भयादोहन मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नाबालिग को उसके परिवार की हत्या की धमकी देकर करीब 450 ग्राम सोने के जेवर और 14 लाख 50 हजार रुपये अपने कब्जे में ले लिए थे। पुलिस ने अवैध रूप से जेवर खरीदने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
डेढ़ साल तक धमकाकर करते रहे वसूली
मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। राजीव विहार निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि जनवरी 2025 से 1 जुलाई 2026 के बीच उनकी नाबालिग नातिन को लगातार डरा-धमकाकर और परिवार को जान से मारने की धमकी देकर आरोपियों ने उससे 14.50 लाख रुपये नकद और करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण ले लिए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, सीएसपी तिलेश्वर प्रसाद यादव और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने सबसे पहले 2 अगस्त को आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडे को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों और चोरी के जेवर खरीदने वालों के नाम सामने आए।
72 घंटे में 9 आरोपी गिरफ्तार
लगातार 72 घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने प्रियम शर्मा, आकाश झा, शौर्य करोलिया, राजेश सोनी उर्फ राजू और खुशबू बुधिया को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि भयादोहन से हासिल किए गए सोने के जेवरों की खरीद-फरोख्त भी की गई थी।
पुलिस ने आरोपियों और जेवर खरीदने वालों के कब्जे से सोने के आभूषण और नकद राशि बरामद कर विधिवत जब्त कर ली है।
सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में
सरकंडा पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। यदि जांच में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
