Chhattisgarh Kabirdham News: कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कोदो की फसल कटने के बाद खेतों में बची नरई चरने से करीब 40 गायों के बीमार होने का मामला सामने आया है। इनमें से तीन गायों की मौत होने की जानकारी है। घटना के बाद क्षेत्र के पशुपालकों में चिंता और नाराजगी है। हालांकि, गायों की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है और कोदो की नरई चरने से ही मवेशियों की तबीयत बिगड़ने की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मामला सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत क्षेत्र के सूरजपुरा जंगल और पिरचाटोला का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोदो की फसल कटने के बाद खेतों में बची नरई चरने के बाद कई गायों की तबीयत बिगड़ गई। करीब 40 मवेशियों के बीमार होने और तीन गायों की मौत की सूचना से पशुपालकों में हड़कंप मच गया।
पशुपालकों ने पशु चिकित्सा विभाग पर उपचार में देरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मवेशियों के बीमार होने की सूचना विभाग को देने के करीब 12 घंटे बाद भी समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, मौके पर दो गौ सेवकों को भेजा गया था, लेकिन उनके पास आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं। इस कारण बीमार मवेशियों को समय पर उपचार नहीं मिल पाने की शिकायत की गई है।
फिलहाल गायों की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मवेशियों की बीमारी का संबंध कोदो की नरई चरने से ही है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। मामले में पशु चिकित्सा विभाग का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है। अब उपचार की व्यवस्था और मवेशियों की मौत के कारणों को लेकर विभाग की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
