Chhattisgarh Latest News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन समर्थन मूल्य के बाद किसानों को मिलने वाली अंतर की राशि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में कृषक उन्नति योजना के तहत धान फसल की आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से देने का उल्लेख किया गया था। हालांकि, इस व्यवस्था के तहत किसानों को भुगतान किस आधार पर और किस तरह किया जाएगा, इसे लेकर अब तक स्पष्टता सामने नहीं आई है।
कैबिनेट की विज्ञप्ति के बाद कुछ समाचार माध्यमों में खबरें प्रकाशित हुईं कि यदि किसान प्रति एकड़ 21 क्विंटल से कम धान बेचता है, तब भी उसे 21 क्विंटल के हिसाब से अंतर की राशि मिल सकती है। इस व्यवस्था को बिचौलियों के प्रभाव को कम करने से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, कम धान बेचने वाले किसानों को भी 21 क्विंटल के हिसाब से भुगतान किए जाने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस मामले में कहा कि धान खरीदी पुरानी नीति के तहत होगी और किसी तरह का नीतिगत बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम उत्पादन होने या प्रति एकड़ 21 क्विंटल से कम धान बेचने पर भी 21 क्विंटल के हिसाब से बोनस देने का कोई निर्णय सरकार ने नहीं लिया है। उनके मुताबिक, इस विषय पर सरकार विचार कर रही है और प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
वहीं, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में ऐसा कदम उठाया है, जिससे बिचौलियों का प्रभाव खत्म होगा और कम धान बेचने पर भी प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से बोनस सीधे किसानों के खाते में आएगा। कृषि मंत्री और राजस्व मंत्री के अलग-अलग बयानों से किसानों के बीच असमंजस और बढ़ गया है।
इस मामले में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने भी कहा कि इस तरह की चर्चा चल रही थी, लेकिन उन्हें कैबिनेट के फैसले के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं है। खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि सरकार को प्रति एकड़ के आधार पर पूरी सहायता राशि देने का सुझाव दिया गया था। उनके अनुसार, इस व्यवस्था से सरकार को हर साल चार से पांच हजार करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना का आकलन भी प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, उन्होंने भी कहा कि फैसले की विस्तृत जानकारी अभी तक उनके पास नहीं पहुंची है।
उधर, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि किसानों को प्रति क्विंटल के आधार पर बढ़े हुए समर्थन मूल्य के अनुरूप आदान सहायता राशि दी जानी चाहिए। फिलहाल, अलग-अलग बयानों के बीच भुगतान की वास्तविक व्यवस्था स्पष्ट नहीं हो सकी है।
धान खरीदी शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि प्रति क्विंटल मिलेगी या प्रति एकड़ और क्या 21 क्विंटल की सीमा के आधार पर भुगतान किया जाएगा। सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही इस असमंजस का समाधान हो सकेगा।
