CG Jashpur News: जशपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को जशपुर प्रवास के दौरान विश्राम गृह परिसर से डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा इंडस टावर्स के सहयोग से संचालित इस पहल के माध्यम से जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत ग्रामीण बच्चों, युवाओं, महिलाओं सहित 12 से 60 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों को एक महीने का निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में डिजिटल साक्षरता केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसरों का आधार बन चुकी है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसी पहल ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने वैन में उपलब्ध सुविधाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री साय ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन का अवलोकन कर उसमें उपलब्ध आधुनिक डिजिटल सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वैन में स्थापित डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते हुए ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस कॉल में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर्स के संयुक्त प्रयास को ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
एक महीने तक गांवों में मिलेगा निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण
डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन जशपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचकर 12 से 60 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों को एक महीने का विशेष निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और बेसिक आईटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
कंप्यूटर और इंटरनेट की दी जाएगी व्यावहारिक जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण नागरिकों को कंप्यूटर एवं डिजिटल उपकरणों के उपयोग, इंटरनेट की बुनियादी जानकारी तथा डिजिटल तकनीक के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के बारे में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने और तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
चलते-फिरते प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगी वैन
डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन एक चलते-फिरते प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगी। इससे ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ शहरी केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। विशेष रूप से ग्रामीण बच्चों, युवाओं और महिलाओं को अपने गांवों के आसपास ही आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को कम करना और नागरिकों को तकनीकी रूप से सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
